फ़िल्म समीक्षा: कमीने - कमीने फ़िल्म समीक्षा 2009
विशाल भारद्वाज की निर्देशन में आने वाली उनकी अगली फ़िल्म "कमीने" दर्शकों पर अपना रंग ज़माने में कामयाब हो रही है। यह फ़िल्म अभी आई नहीं है, फ़िर भी दर्शकों को इसका इंतजार बेसब्री से है। हो भी क्यों नहीं, यह फ़िल्म शाहिद कपूर की जो है। शाहिद अपने अदाकारी के बदौलत सिर्फ़ दर्शकों का ही मन नहीं जीता है, बल्कि फ़िल्म जगत के बड़े-बड़े कलाकारों को भी हैरत में डाल दिया है। "विवाह" और "जब वी मेट" जैसी सफल फिल्मों से तो वे अपने अदाकारी का भी लोहा मनवा चुके है।
कमीने, शाहिद कपूर की पहली फ़िल्म है जिसमे वे दो चरित्रों के किरदार को निभाएंगे। इस फ़िल्म से उन्हें भी खासी ही उम्मीद हैं क्योंकि पहली बार वह कुछ अलग और नया करने जा रहें है। "Krrish" में जिस तरह से ताकत और मसल Hrithik Roshan ने दिखाया था, कमीने में शाहिद कपूर दिखने के लिए तत्पर है।
कमीने फ़िल्म का दूसरा भी भाग है जहाँ पर चार्ली को दिखाया जा रहा है। चार्ली और गुड्डू दोनों की भूमिका Shahid Kapoor ही निभा रहे हैं। Charlee नाम का चरित्र नैतिकता, रश्मों-रिवाजों, रिश्ते-नातों से बहूत दूर है। उसे तो धन के सातवें आसमान को छूना है, वह भी जल्द से जल्द।
Guddu और Charlee तब अलग होते है जब वह समझदार हो जाते है। चार्ली घुडसवारी के क्षेत्र में चला जाता है जहाँ वह अकूत सम्पति का मालिक बन जाता है। इसी दौरान जब वह एक बार अपना पैसा Race में लगा रहा होता है, उसके गाड़ी से मादक पदार्थ पुलिस बरामद कर लेती है। यह है चार्ली का संकट जहाँ उसे अपने गुनाहों की कीमत चुकानी है। उसे उसको फ़साने वालों को उनके असली अंजाम तक पहुँचाना है।
Kaminey ने Priyanka Chopra को एक नया रूप, रंग, पहनावा और चरित्र दिया है जो उनके लिए बिल्कुल अलग है। प्रियंका इस फ़िल्म में स्वीटी की किरदार निभा रही है जो एक अल्हड़, आत्मविश्वासी और सुशिल लड़की है। गुड्डू, स्वीटी से तब मिलता है जब वह अपने संस्था में कार्यरत रहता है। वह अवाक् होता है यह जान कर कि वह गर्भवती है फ़िर भी वह उससे शादी के लिए तैयार हो जाता है। वह स्वीटी के भाई से अपनी शादी कि बात करने के लिए जाना चाहता है तभी वह उसे बताती है कि अगर उसके भाई को पता चल गया तो वह उन्हें मर डालेगा। पर इसी बीच क्या होता है कि वह कहती है, "मै इस कमीने से शादी नहीं कर सकती"।
कमीने फ़िल्म तो जरूर ही मजेदार और चटपटा है - पहनावा, साजो-श्रृंगार और चरित्रों से। पर कहानी में ज्यादा कुछ नयापन नहीं है। आप इस कमीने में भी जरूर देखेंगे कि गुंडे हीरों के दो चेहरों से परेशान हो जाता है।
ये तो रही फ़िल्म कमीने की कहानी की बात। अब क्या आप यह नहीं जानना चाहेंगे कि यह फ़िल्म कला के कितने आयामों को छूता है। हाँ, यह फ़िल्म कला के प्रकृतिवादी और वास्तिविक्तावादी आयाम को छूते हुए भौतिकतावादी आयाम तक पहुँच जाता है। फ़िल्म में हीरो, हिरोइन और भी जितने पात्र है, सब के राग-रोगन इस फ़िल्म में बिल्कुल ही अलग है। इस फ़िल्म में मुख्य रूप से - शहीद कपूर, प्रियंका चोपडा, अमोल गुप्ता और देब मुखर्जी नजर आयेंगे।
कमीने फ़िल्म कि प्रचार उसी तरह से जोर-शोर पर है जिस तरह से Love Aaj Kal movie की थी। कमीने से उम्मीद तो सभी को है चाहे वो निर्देशक हो, कलाकार हो या दर्शक हो। इस फ़िल्म के निर्माता और लेखक को भी खासी उम्मीदें है। कमीने फ़िल्म १४ अगस्त, २००९ को रिलीज हो रही है। हल ही में रिलीज हुए Agyaat movie ने दर्शकों का उम्मीद तोड़ दी है।
हम चाहते है कि कमीने फ़िल्म हमारे उम्मीदों पर खरा उतरे। Kaminey को अंग्रेजी में Rascal कहा जाता है। तो इस फ़िल्म में आप किसे कमीने कहेंगे? चार्ली या उसे धोखा देने वाले बदमाशों को? गुड्डू को आप कमीने कहेंगे या स्वीटी को? यह फ़िल्म "कमीने" शब्द के पर्याय को कितने बखूबी से निभाता है, फ़िल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।
कमीने, शाहिद कपूर की पहली फ़िल्म है जिसमे वे दो चरित्रों के किरदार को निभाएंगे। इस फ़िल्म से उन्हें भी खासी ही उम्मीद हैं क्योंकि पहली बार वह कुछ अलग और नया करने जा रहें है। "Krrish" में जिस तरह से ताकत और मसल Hrithik Roshan ने दिखाया था, कमीने में शाहिद कपूर दिखने के लिए तत्पर है।
Vishal Bhardwaj ने इस फ़िल्म का नाम "कमीने" रखा है, क्यों? फिलहाल तो हमें भी पता नहीं है। पर, कमीने का अर्थ जो हम जानते है वह है - नीच, दुराचारी, बदमाश और पापी। हम क्या समझे? क्या यह Kaminey फ़िल्म किसी दुराचारी चरित्र को दिखता है या फ़िर पापी, नीच या बदमाश। बदमाश तो होना नहीं चाहिए क्योंकि बदमाश का पर्याय कमीने के ठीक आमने-सामने नहीं आता है। तो क्या हम इसे दुराचारी या नीच समझे? हाँ, हम इस कमीने फ़िल्म की समीक्षा दुराचारी या नीच आर्थ के आस-पास ही रहकर कर सकते है क्योंकि कमीने की कहानी भी तो उससे मिलती-जुलती है।
Kaminey movie दो भाइयों की कहानी है। एक भाई, गुड्डू जो गावं में रहकर एक NGO संस्था में कार्य करता है। वह बहूत ही महत्वाकांक्षी है और अपने जीवन पेशा इसी क्षेत्र में अग्रसर होता देखना चाहता है। वह मध्यवर्ग के रहन-सहन से प्रभावित है और ख़ुद को भी वहां देखना चाहता है।कमीने फ़िल्म का दूसरा भी भाग है जहाँ पर चार्ली को दिखाया जा रहा है। चार्ली और गुड्डू दोनों की भूमिका Shahid Kapoor ही निभा रहे हैं। Charlee नाम का चरित्र नैतिकता, रश्मों-रिवाजों, रिश्ते-नातों से बहूत दूर है। उसे तो धन के सातवें आसमान को छूना है, वह भी जल्द से जल्द।
Guddu और Charlee तब अलग होते है जब वह समझदार हो जाते है। चार्ली घुडसवारी के क्षेत्र में चला जाता है जहाँ वह अकूत सम्पति का मालिक बन जाता है। इसी दौरान जब वह एक बार अपना पैसा Race में लगा रहा होता है, उसके गाड़ी से मादक पदार्थ पुलिस बरामद कर लेती है। यह है चार्ली का संकट जहाँ उसे अपने गुनाहों की कीमत चुकानी है। उसे उसको फ़साने वालों को उनके असली अंजाम तक पहुँचाना है।
Kaminey ने Priyanka Chopra को एक नया रूप, रंग, पहनावा और चरित्र दिया है जो उनके लिए बिल्कुल अलग है। प्रियंका इस फ़िल्म में स्वीटी की किरदार निभा रही है जो एक अल्हड़, आत्मविश्वासी और सुशिल लड़की है। गुड्डू, स्वीटी से तब मिलता है जब वह अपने संस्था में कार्यरत रहता है। वह अवाक् होता है यह जान कर कि वह गर्भवती है फ़िर भी वह उससे शादी के लिए तैयार हो जाता है। वह स्वीटी के भाई से अपनी शादी कि बात करने के लिए जाना चाहता है तभी वह उसे बताती है कि अगर उसके भाई को पता चल गया तो वह उन्हें मर डालेगा। पर इसी बीच क्या होता है कि वह कहती है, "मै इस कमीने से शादी नहीं कर सकती"।
कमीने फ़िल्म तो जरूर ही मजेदार और चटपटा है - पहनावा, साजो-श्रृंगार और चरित्रों से। पर कहानी में ज्यादा कुछ नयापन नहीं है। आप इस कमीने में भी जरूर देखेंगे कि गुंडे हीरों के दो चेहरों से परेशान हो जाता है।
ये तो रही फ़िल्म कमीने की कहानी की बात। अब क्या आप यह नहीं जानना चाहेंगे कि यह फ़िल्म कला के कितने आयामों को छूता है। हाँ, यह फ़िल्म कला के प्रकृतिवादी और वास्तिविक्तावादी आयाम को छूते हुए भौतिकतावादी आयाम तक पहुँच जाता है। फ़िल्म में हीरो, हिरोइन और भी जितने पात्र है, सब के राग-रोगन इस फ़िल्म में बिल्कुल ही अलग है। इस फ़िल्म में मुख्य रूप से - शहीद कपूर, प्रियंका चोपडा, अमोल गुप्ता और देब मुखर्जी नजर आयेंगे।
कमीने फ़िल्म कि प्रचार उसी तरह से जोर-शोर पर है जिस तरह से Love Aaj Kal movie की थी। कमीने से उम्मीद तो सभी को है चाहे वो निर्देशक हो, कलाकार हो या दर्शक हो। इस फ़िल्म के निर्माता और लेखक को भी खासी उम्मीदें है। कमीने फ़िल्म १४ अगस्त, २००९ को रिलीज हो रही है। हल ही में रिलीज हुए Agyaat movie ने दर्शकों का उम्मीद तोड़ दी है।
हम चाहते है कि कमीने फ़िल्म हमारे उम्मीदों पर खरा उतरे। Kaminey को अंग्रेजी में Rascal कहा जाता है। तो इस फ़िल्म में आप किसे कमीने कहेंगे? चार्ली या उसे धोखा देने वाले बदमाशों को? गुड्डू को आप कमीने कहेंगे या स्वीटी को? यह फ़िल्म "कमीने" शब्द के पर्याय को कितने बखूबी से निभाता है, फ़िल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।

0 comments:
Post a Comment